Dhanbad police scripted the jam and caught Lala’s truck | धनबाद पुलिस ने जाम की पटकथा रची और पकड़े गए लाला के ट्रक

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धनबाद41 मिनट पहलेलेखक: अशोक कुमार

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ट्रक ड्राइवर से चालान मांगा तो उसने 20 रुपए का नोट लगा बिल पकड़ा दिया। - Dainik Bhaskar

ट्रक ड्राइवर से चालान मांगा तो उसने 20 रुपए का नोट लगा बिल पकड़ा दिया।

  • पहली बार पढ़िए, लाला के ट्रकाें काे पकड़ने से लेकर घाेटाले के खुलासे तक की पूरी कहानी

काेयला माफिया लाला के जिन सात ट्रक अवैध काेयले की जांच से 5500 कराेड़ रुपए के घाेटाले का राज खुला, उसे पकड़ने की कहानी भी राेचक है। दरअसल, धनबाद पुलिस ने इन ट्रकों को पकड़ने के लिए एक पटकथा तैयार की थी। पटकथा में जीटी रोड जाम का एक दृश्य बनाया गया, जिनमें तस्करों के ट्रक फंसते चले गए।

धनबाद पुलिस ने इन ट्रकों को पकड़ने के लिए क्या रणनीति बनाई? ट्रकों की भीड़ में तस्करों के ट्रकों को कैसे पहचाना? कैसे इन ट्रकों को पकड़ा? बता रहे हैं… ट्रकों को पकड़ने वाली टीम को लीड करने वाले निरसा थानेदार सुभाष सिंह। ट्रकों को पकड़ने से लेकर मामले के खुलासे तक की पूरी कहानी बता रहा दैनिक भास्कर।

ट्रक ड्राइवर से चालान मांगा तो उसने 20 रुपए का नोट लगा बिल पकड़ा दिया, कहा-यही हमारा चालान

तारीख… 2 नवंबर 2020। स्थान… निरसा थाना के पास जीटी रोड। समय…रात 1 बजे। बीच सड़क पर एक ट्रक को रोक दिया गया। उसे सड़क पर ऐसे आड़ा-तिरछा खड़ा किया, जिससे लगे कि वह खराब है। हमारा मकसद था… सड़क जाम करना। क्योंकि पुलिस को सूचना मिल गई थी कि कोयला माफिया लाला का कोयला लदा ट्रक यहां से गुजरने वाला है। हुआ भी कुछ ऐसा ही…। देखते ही देखते जीटी रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस की तीन टीमें तैयार थीं। हमने जांच शुरू कर दी।

हम सभी पुलिस वालों की नजर डब्ल्यूबी 37 से शुरू होने वाले कोयले से ओवरलोड ट्रकों को खोज रही थी। कुछ ही देर बाद ओवरलोड एक संदिग्ध ट्रक जिसका नंबर डब्ल्यूबी 37 से शुरू हो रहा था, दिख गया। हमने ट्रक को रोका और चालक से सवाल-जवाब शुरू किया। पूछा… ये कोयला कहां ले जाया जा रहा है…? कोयला कहां से ला रहे हो…? इसके कागजात कहां हैं…? किस कंपनी का कोयला है…? पुलिस के इन सवालों पर ट्रक चालक की जुबान लड़खड़ाने लगी।

ठंड के मौसम में भी उसके माथे पर पसीना आ रहा था। जब उससे चालान मांगा तो उसने 20 रुपए का नोट लगा एक बिल थमा दिया। चालक ने कहा कि यही उनका चालान है। इसी पर उनके कोयले से लदे ट्रक पार होते हैं। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जल्द ही अन्य छह संदिग्ध ट्रक भी पकड़े गए। पूछताछ में उन ट्रकों के चालकों ने बताया कि यह कोयला लाला सिंडिकेट का है। जांच को आगे बढ़ाने पर मामला बड़ा होता गया। यह एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आया।

(लाला सिंडिकेट के ट्रकों को पकड़ने वाले निरसा थानेदार सुभाष सिंह से बातचीत पर आधारित)



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